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मुश्किल में आपका साथी

कुछ भी हो, आपके परिवार को पल भर में खबर।

अपनी कार, बाइक, बच्चे के बैग या पालतू के पट्टे पर संकट साथी QR लगाइए। कोई भी इसे स्कैन करके मदद कर सकता है — आपका फ़ोन नंबर देखे बिना।

  • स्कैन के लिए ऐप नहीं चाहिए
  • आपका नंबर छुपा रहता है
  • कीपैड फ़ोन से भी

एक स्कैन, तीन तरह की मदद

उन पलों के लिए जो सबसे ज़रूरी हैं

आपकी गाड़ी, बच्चा, पालतू या बैग जिसे भी मिले, वह कुछ ही सेकंड में मदद कर सकता है — और आपका नंबर छुपा रहता है।

  • एक्सीडेंट या इमरजेंसी

    कोई राहगीर स्कैन करता है, फ़ोटो लेता है और लोकेशन भेजता है। आपके परिवार को तुरंत अलर्ट मिलता है, और एक प्राइवेट कॉल से बात हो जाती है।

    • परिवार को फ़ोटो, लोकेशन और समय
    • छुपी कॉल — किसी का नंबर नहीं दिखता
    • 112 और 108 के एक-टैप बटन
  • गलत पार्किंग

    आपकी गाड़ी किसी का रास्ता रोक रही है? वे स्कैन करके गाड़ी हटाने को कहते हैं। न झगड़ा, न शीशे पर पर्ची, न नंबर का लेन-देन।

    • तुरंत 'कृपया गाड़ी हटाएँ' अलर्ट
    • नंबर बताए बिना बात
    • कम बहस, ज़्यादा इज़्ज़त
  • खोया-पाया

    खोया हुआ बच्चा, भटके हुए बुज़ुर्ग, पालतू या छूटा हुआ बैग — मिलने वाला स्कैन करता है और आपके परिवार से सुरक्षित तरीके से संपर्क होता है।

    • बच्चों, बुज़ुर्गों, पालतू और सामान के लिए
    • मिलने वाला फ़ोटो और जगह भेज सकता है
    • उन्हें कौन-सा संदेश दिखे, आप तय करें

कैसे काम करता है

तीन आसान कदम में सुरक्षा

न तार, न बैटरी, न चार्जिंग। बस चिपकाइए और एक बार सेट कर दीजिए।

  1. चिपकाएँ

    QR स्टिकर को कार, बाइक, स्कूल बैग, पालतू के पट्टे या चाबी पर लगाएँ।

  2. चालू करें

    स्टिकर का कोड डालें और परिवार के नंबर जोड़ें। सिर्फ़ दो मिनट लगते हैं।

  3. बेफ़िक्र रहें

    कुछ भी हो, कोई भी स्कैन करके आपके परिवार तक पहुँच सकता है — दिन हो या रात।

अपना साथी चुनें

हर अपने के लिए एक साथी

गाड़ी, बच्चों, पालतू और रोज़ के सामान के लिए बने स्टिकर और टैग।

प्राइवेसी सबसे पहले

मदद आप तक पहुँचे, आपका नंबर अजनबियों तक नहीं।

हमने संकट साथी ऐसे बनाया है कि आप तक पहुँचना आसान हो, पर आपकी जानकारी सुरक्षित रहे।

  • छुपी कॉल

    कॉल एक प्राइवेट लाइन से होती है। किसी को भी दूसरे का नंबर नहीं दिखता।

  • स्टिकर पर कोई निजी जानकारी नहीं

    QR में सिर्फ़ एक कोड होता है। न नाम, न पता, न नंबर।

  • क्या दिखे, आप तय करें

    एक छोटा संदेश चुनें, जैसे 'कृपया मेरे परिवार को कॉल करें'। कभी भी बदलें।

  • जब चाहें डिलीट करें

    जब चाहें टैग रोकें या अपना डेटा डिलीट करें।

बिना इंटरनेट भी

स्मार्टफ़ोन नहीं? कोई बात नहीं।

मदद करने वाले हर इंसान के पास स्मार्टफ़ोन या इंटरनेट नहीं होता। इसलिए हर स्टिकर पर एक हेल्पलाइन नंबर और उसका अपना एक्सटेंशन भी छपा होता है।

  1. किसी भी कीपैड फ़ोन से हेल्पलाइन पर कॉल करें
  2. स्टिकर पर छपा एक्सटेंशन डालें
  3. परिवार से बात हो जाती है — नंबर छुपे रहते हैं

+91 96804 33362

संकट साथी ही क्यों

भारत की सड़कों और भारतीय परिवारों के लिए बना

  • स्कैन के लिए ऐप नहीं चाहिए

    कोई भी फ़ोन कैमरा चलेगा। मदद करने वाले को कुछ डाउनलोड नहीं करना पड़ता।

  • हिंदी और अंग्रेज़ी

    स्कैन पेज मदद करने वाले की भाषा में दिखता है, ताकि समय बर्बाद न हो।

  • कीपैड फ़ोन से भी

    छपी हेल्पलाइन और एक्सटेंशन से कोई भी मदद कर सकता है, बिना इंटरनेट के भी।

  • हेल्पलाइन साथ में

    हर स्कैन पर 112, 108, चाइल्डलाइन और हाईवे नंबर एक टैप पर।

  • आपकी प्राइवेसी सुरक्षित

    छुपी कॉल, और कोई निजी जानकारी छपी नहीं। कभी नहीं।

  • असली लोग, आपके पास

    जोधपुर में हमारी टीम फ़ोन और WhatsApp पर आपकी भाषा में जवाब देती है।

सवाल

आम सवाल

संकट साथी क्या है?

संकट साथी आपकी गाड़ी, बच्चे, पालतू या सामान के लिए एक स्मार्ट QR स्टिकर या टैग है। कुछ गड़बड़ होने पर कोई भी फ़ोन कैमरे से इसे स्कैन करके आपके परिवार को खबर दे सकता है, गाड़ी हटाने को कह सकता है, या खोई चीज़ लौटा सकता है — आपका फ़ोन नंबर देखे बिना।

क्या स्कैन करने वाले को कोई ऐप चाहिए?

नहीं। कोई भी स्मार्टफ़ोन कैमरा QR स्कैन करके एक आसान वेब पेज खोल देता है। कीपैड फ़ोन वाले लोग स्टिकर पर छपे हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके एक्सटेंशन डाल सकते हैं।

क्या स्कैन करने वाले को मेरा नंबर दिखेगा?

कभी नहीं। कॉल एक छुपी लाइन से जुड़ती है, इसलिए किसी को भी दूसरे का नंबर नहीं दिखता। स्कैन पेज पर सिर्फ़ टैग का प्रकार और आपका चुना हुआ छोटा संदेश दिखता है।

मैं अपना स्टिकर कैसे चालू करूँ?

एक्टिवेट पेज पर जाएँ, स्टिकर पर छपा कोड डालें, और परिवार के नंबर जोड़ने के स्टेप पूरे करें। लगभग दो मिनट लगते हैं।

एक्सीडेंट में कोई स्कैन करे तो क्या होता है?

वे "इमरजेंसी" चुनते हैं, फ़ोटो ले सकते हैं और लोकेशन भेज सकते हैं, फिर "परिवार को कॉल करें" दबाते हैं। आपके परिवार को फ़ोटो, लोकेशन और समय के साथ अलर्ट मिलता है, और छुपी कॉल से बात होती है। स्कैन करने वाले को 112 और 108 के बटन भी दिखते हैं।

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कॉल, WhatsApp या ईमेल करें — हम हिंदी या अंग्रेज़ी में जवाब देते हैं।