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हमारे बारे में

मुश्किल पलों का साथी

संकट साथी यानी मुश्किल में साथ देने वाला। हम भारत के हर परिवार के लिए यही बनना चाहते हैं।

हमने शुरुआत क्यों की

TODO: यहाँ अपनी शुरुआत की कहानी लिखें। जैसे: वह पल जिसने आपको इस समस्या के बारे में सोचने पर मजबूर किया — हाईवे पर एक्सीडेंट जहाँ कोई परिवार तक नहीं पहुँच पाया, मेले में खोया बच्चा, या एम्बुलेंस का रास्ता रोकती कार।

TODO: बताइए आपने क्या देखा: लोग मदद करना चाहते हैं, पर उन्हें नहीं पता किसे कॉल करें। और मालिक नहीं चाहते कि उनका नंबर सबके सामने स्टिकर पर लिखा हो।

TODO: बताइए संकट साथी दोनों का हल कैसे है — एक स्कैन मदद करने वाले को परिवार से जोड़ देता है, और किसी का नंबर नहीं दिखता।

हमारा मकसद

कोई भी परिवार सबसे आख़िर में खबर न पाए — हर भले इंसान को मदद का पुल बनाकर, और सबकी प्राइवेसी सुरक्षित रखकर।

हम किस बात पर टिके हैं

  • पहले फ़िक्र

    हम घबराहट और जल्दबाज़ी के पलों के लिए डिज़ाइन करते हैं। हर स्क्रीन शांत, साफ़ और तेज़ है।

  • हमेशा प्राइवेसी

    आपका और आपके परिवार का नंबर अजनबियों को कभी नहीं दिखता।

  • हर भारतीय के लिए

    हिंदी और अंग्रेज़ी, स्मार्टफ़ोन हो या कीपैड फ़ोन, शहर हो या गाँव।

  • ईमानदार और आसान

    कोई झूठा वादा नहीं। हम इमरजेंसी सेवाओं की मदद करते हैं, उनकी जगह नहीं लेते।

गर्व से जोधपुर से

हम नेहरू नगर, जोधपुर की एक छोटी टीम हैं। सब कुछ यहीं से बनाते, पैक करते और संभालते हैं — और फ़ोन या WhatsApp पर आप हमेशा किसी असली इंसान से बात कर सकते हैं।

157, Nehru Nagar, Opp. B.R. Birla School, Jodhpur, Rajasthan 342008, India

हमारे साथ आगे बढ़ें

संकट साथी के डिस्ट्रीब्यूटर या डीलर बनें

अपने शहर में सुरक्षा लाइए और ऐसा बिज़नेस बनाइए जिस पर आपको गर्व हो। हम पूरे भारत में पार्टनर ढूँढ रहे हैं।

पार्टनर बनें

कोई सवाल है? हम मदद के लिए हैं।

कॉल, WhatsApp या ईमेल करें — हम हिंदी या अंग्रेज़ी में जवाब देते हैं।